NBFC in Hindi | एनबीएफसी का क्या मतलब होता है | List of NBFC in India 2022

अभी तक लोगो को लोन अर्थात ऋण के लिए बैंकों के चक्कर लगानें पड़ते थे, इसके बावजूद भी बैंक लोन मिलनें में काफी समय लग जाता था | जबकि आज के आधुनिक दौर में आपने अपनें शहर के मुख्य स्थानों पर लोन लेने हेतु पोस्टर लगे हुए देखा होगा, कहनें का आशय यह है, कि लोन देने के लिए अब लोगो को विज्ञापन देना पड़ रहा है | दरअसल यह लोन गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों द्वारा दिया जाता है, और इस प्रकार की कम्पनियों को शार्ट में हम एनबीएफसी (NFBC) कहते है |

यह संस्थाए बैंक की भांति कार्य करने वाली वित्तीय कम्पनियां होती है, जो पैसे का लेन-देन का कार्य करती है, परन्तु यह बैंकों से बिल्कुल अलग होती है | यह लोगो का पैसा जमा करनें के साथ ही लोगो को कर्ज देने का कार्य करती है | एनबीएफसी का क्या मतलब होता है, इसके बारें में आपको यहाँ पूरी जानकारी दी जा रही है, इसके साथ ही यहाँ List of NBFC in India 2022 अर्थात भारत में एनबीसी कम्पनियों की सूची भी दी जा रही है |  

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Table of Contents

एनबीएफसी का फुल फॉर्म (NBFC in Hindi)

NFBC (एनबीएफसी) का फुल फॉर्म “Non Banking Financial Company (नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कम्पनी)” होता है, जबकि हिंदी में इसे ‘गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी’ कहते है | इस कम्पनी के कार्य बिल्कुल बैंक की तरह ही होते है, परन्तु यह कानूनी रूप से बैंक की मान्यता प्राप्त नही है | यह एक प्रकार की फाइनेंस अर्थात वित्तीय कंपनियाँ होती है, जो ऋण का लेन-देन करती है।     

NFBC Full Form In EnglishNon Banking Financial Company
एनबीएफसी फुल फॉर्म इन हिंदीगैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी

एनबीएफसी का क्या मतलब होता है (What is NBFC)

एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी अर्थात एनबीएफसी कंपनी अधिनियम 1956 के अंतर्गत पंजीकृत एक फाइनेंसियल कंपनी है, जो एक बैंक की भांति कार्य करती है | इस फाइनेंसियल कंपनी द्वारा पहले जमाकर्ताओं  से एक स्कीम के अंतर्गत पैसा जमा कराया जाता है और कुछ समय पश्चात वह लोगो को तरह-तरह के ऋण प्रदान करती है | इस कम्पनी का मुख्य व्यवसाय ऋण देना, विभिन्न प्रकार के शेयर्स, स्टॉक, बांड, डिबेंचर्स, सिक्योरिटीज, लीजिंग  बिज़नेस, हायर परचेज इन्शुरेंस बिज़नेस, चिट फण्ड से सम्बंधित व्यवसाय में निवेश करना है।

एनबीएफसी के कामकाज और संचालन आरबीआई द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम,1934 के अंतर्गत विनियमित किया जाता है। गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) प्रायः उन क्षेत्रों के लिए ऋण देने की सुविधा प्रदान करती है, जहाँ बैंकों द्वारा ऋण देने की सुविधा उपलब्ध नहीं होती है | इस प्रकार एनबीएफसी भारतीय अर्थव्यवस्था के वित्तीय क्षेत्र में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 

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गैर- बैंकिंग वित्तीय कंपनी के प्रकार (Types Of NFBC)

गैर- बैंकिंग वित्तीय कंपनी अर्थात एनबीएफसी कंपनियों को भारत में कई भागों में विभाजित किया है, जो इस प्रकार है-

  • एसेट फाइनेंस कंपनी (Asset Finance Company) – इस प्रकार की वित्तीय संस्था संपत्ति से संबंधित ऋण की सुविधा प्रदान करती है।
  • हाउसिंग फाइनेंस  कंपनी (Housing finance Company) – यह संस्था गृह निर्माण अर्थात लोगो को अपना घर बनानें के लिए लोन प्रदान करती है।
  • मॉर्गेज फाइनेंस कंपनी (Mortgage Finance Company) – मॉर्गेज फाइनेंस कंपनी लोगो को सम्पतियों के बंधक बनानें के पश्चात ऋण प्रदान करती है |
  • इन्वेस्टमेंट कंपनी (Investment Company) – इस प्रकार की वित्तीय कम्पनियां इन्वेस्टमेंट अर्थात निवेश की प्रक्रिया को सरल बनानें का कार्य करती है, ताकि इसमें अधिक से अधिक लोग निवेश कर सके |   
  • लोन कम्पनी (Loan Company) – इस तरह की कम्पनियां कर्ज का लेन-देन करने का कार्य करती है।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी (Infrastructure Finance Company) – यह एक इन्फ्रास्ट्रक्चर से संबंधित वित्तीय संस्था होती है, जो इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए ऋण देने का कार्य करती है।
  • कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (Core Investment Company) – कोर इन्वेस्टमेंट कम्पनियां सिर्फ निवेश करनें का कार्य करती है।
  • माइक्रो फाइनेंस कंपनी (Micro Finance Company) – इस प्रकार के वित्तीय संस्थान छोटे-छोटे कर्ज का लेन- देन करने का कार्य करती है।   

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एनबीएफसी के कार्य क्षेत्र (Scope of NBFCs)

गैर- बैंकिंग वित्तीय कंपनी अर्थात एनबीएफसी के कार्य क्षेत्र काफी विस्तृत है, क्योंकि इसका मुख्य कार्य ऋण प्रदान करना है | इसका कार्यक्षेत्र इस प्रकार है –

  • हायर परचेज सर्विसेज (Hire Purchase Services)
  • रिटेल फाइनेंसिंग (Retail Financing)
  • ट्रेड फाइनेंस (Trade Finance)
  • इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग (Infrastructure Funding)
  • एसेट मैनेजमेंट कंपनी (Asset Management Company)
  • लीजिंग सर्विसेज (Leasing Services)
  • वेंचर कैपिटल सर्विसेज (Venture Capital Services)
  • माइक्रो स्माल एंड मध्यम इंटरप्राइजेज (MSME)

गैर बैंकिंग वित्तीय कम्पनी से लाभ (Benefit From NBFC)

  • इस प्रकार की वित्तीय कम्पनियों के माध्यम से लोगो को सरलता से ऋण और क्रेडिट सुविधाएं प्राप्त होती है | 
  • भारत में ऐसे कई स्थान है, जहाँ बैंक उपलब्ध नही है ऐसे स्थानों पर लोग एनबीएफसी से उधार ले सकते हैं।  
  • बैंकों की अपेक्षा गैर वित्तीय कम्पनी काफी तीव्र गति से कार्य करती है |
  • भारत में रहनें वाले लोगो को इससे बैंकिंग सुविधाएं प्राप्त करनें आसानी हुई।
  • पूरे भारत में फाइनेंस को प्रमोट करने वाला सबसे बड़ा नेटवर्क गैर वित्तीय कम्पनी का हैं।

एनबीएफसी की भूमिकाएँ (Roles of NBFCs)

  • ट्रांसपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में विकास करना |
  • कैपिटल अर्थात पूंजी को बढ़ाने में सहायक सिद्द होना |
  • इडब्लूएस सेक्शन को ऋण के रूप में पूँजी उपलब्ध कराना |
  • भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ानें में अहम् योगदान देना |

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भारत में टॉप 10 गैर बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों की सूची (List of Top 10 Non Financial Companies in India)

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) ऐसे प्रतिष्ठान हैं जो बैंक की कानूनी परिभाषा को पूरा किए बिना वित्तीय सेवाएं और बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करते हैं। हालाँकि यह भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित बैंकिंग नियमों के अंतर्गत आते हैं और मुद्रा बाजार में ऋण सुविधाएं, टीएफसी, सेवानिवृत्ति योजना, निवेश और स्टॉकिंग जैसी बैंकिंग सेवाएं प्रदान करते हैं |

हालांकि इन्हें आम जनता से किसी भी प्रकार की जमा राशि लेने से प्रतिबंधित किया गया है | यह संगठन अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं, ज्यादातर नए उद्यमों के विकास के लिए ऋण प्रदान करते हैं | भारत में टॉप 10 गैर वित्तीय कम्पनियों की सूची इस प्रकार है-

क्रस०  एनबीएफसी का नाम
1.पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड
2.श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड
3.बजाज फाइनेंस लिमिटेड
4.महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड
5.मुथूट फाइनेंस लिमिटेड
6.एचडीबी फाइनेंस सर्विसेज
7.चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी लिमिटेड
8.टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड
9.एल एंड टी फाइनेंस लिमिटेड
10.आदित्य बिड़ला फाइनेंस लिमिटेड

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भारत में टॉप 10 गैर बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों का विवरण (Top 10 NBFCs Details in India)

1. पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (Power Finance Corporation Limited)

पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड की स्थापना 1986 में हुई थी और यह एक नवरत्न स्टेटस कंपनी है। राजीव शर्मा कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं। पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड देश में विभिन्न बिजली परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए जाना जाता है। यह बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण में शामिल संगठनों का समर्थन करता है। कंपनी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में भी सूचीबद्ध किया गया है।

2. श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (Shriram Transport Finance Company Limited)

श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (STFC) श्रीराम ग्रुप की प्रमुख कंपनी है अर्थात वित्तीय सेवाओं में रुचि रखने वाला एक विविध समूह। इसके द्वारा कामर्शियल व्हीकल फाइनेंस, कंस्यूमर फाइनेंस, जीवन और सामान्य बीमा, स्टॉकब्रोकिंग, चिट फंड और वित्तीय उत्पादों जैसे जीवन और सामान्य बीमा उत्पादों और म्यूचुअल फंड की इकाइयों का वितरण किया जाता है।

राजस्व16,127 करोड़ रुपये
लाभ2,793 करोड़
मार्केट कैप  26,182  करोड़
रेट ऑफ़ इंटरेस्ट   17.37%
बिक्री वृद्धि (3 वर्ष) 14.45%
प्रमोटर होल्डिंग 26.25%
इक्विटी के लिए लोन   5.51
मूल्य से बुक मूल्य 1.64
  • 1979 में स्थापित STFC एक परिसंपत्ति वित्तपोषण गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी है। इसका मुख्यालय मुंबई में है। कंपनी भारत में शीर्ष एनबीएफसी कंपनियों की सूची में दूसरे स्थान पर है।
  • वर्तमान में कंपनी 26,600+ प्रेरित कर्मचारियों (16,000 उत्पाद / क्रेडिट अधिकारियों सहित) द्वारा संचालित है, जो एक अखिल भारतीय नेटवर्क के माध्यम से एक अद्वितीय ‘रिलेशनशिप-आधारित’ व्यवसाय मॉडल का समर्थन करती है| जिसमें 1,545 शाखाएं, 838 ग्रामीण केंद्र और 500 निजी फाइनेंसरों के साथ भागीदारी शामिल है।

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3. बजाज फाइनेंस लिमिटेड (Bajaj Finance Limited)

बजाज फाइनेंस लिमिटेड एक जमा स्वीकार करने वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC-D) है, जो भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के साथ पंजीकृत है। यह बजाज फिनसर्व लिमिटेड की सहायक कंपनी है और उधार देने के कारोबार में लगी हुई है। यह टर्नओवर के आधार पर भारत की सबसे बड़ी NBFC फाइनेंस कंपनी है।

राजस्व22,413 करोड़ रुपये
लाभ4,937 करोड़
मार्केट कैप  249,069 करोड़
ब्याज दर   21.98%
बिक्री वृद्धि (3 वर्ष) 33.55%
प्रमोटर होल्डिंग 56.15%
इक्विटी के लिए ऋण 3.69
मूल्य से बुक मूल्य 11.45
  • बीएफएल के पास शहरी और ग्रामीण भारत में महत्वपूर्ण उपस्थिति के साथ रिटेल, एसएमई और वाणिज्यिक ग्राहकों के लिए एक विविध ऋण पोर्टफोलियो है।
  • यह सार्वजनिक और कॉर्पोरेट जमा स्वीकार करता है और अपने ग्राहकों को विभिन्न प्रकार के वित्तीय सेवा उत्पाद प्रदान करता है। इसकी बजाज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड और बजाज फाइनेंशियल सिक्योरिटीज लिमिटेड यह दो सहायक कंपनियां हैं|

4. महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (Mahindra & Mahindra Financial Services Limited)

महिंद्रा फाइनेंस की शुरुआत 90 के दशक की शुरुआत में महिंद्रा यूटिलिटी व्हीकल्स के कैप्टिव फाइनेंसर के रूप में हुई थी। महिंद्रा यूवी से लेकर ट्रैक्टर से लेकर गैर-महिंद्रा उत्पादों तक, कंपनी ने वित्तीय सेवाओं में विविधता लाई है। यह भारत में शीर्ष वित्त कंपनियों की सूची में सर्वश्रेष्ठ में से एक है।

प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में व्हीकल फाइनेंस शामिल है, जिसमें यात्री वाहनों, उपयोगिता वाहनों, ट्रैक्टरों, वाणिज्यिक वाहनों, निर्माण उपकरणों का वित्तपोषण शामिल है और पूर्व-स्वामित्व वाले वाहन और एसएमई वित्त, जिसमें एसएमई को परियोजना वित्त, उपकरण वित्त, कार्यशील पूंजी वित्त और बिल छूट सेवाएं शामिल हैं। कंपनी अपने अद्वितीय ग्राहक सेट के अनुरूप म्युचुअल फंड वितरण, सावधि जमा और पर्सनल लोन भी देती है।

राजस्व11,307 करोड़ रुपये
लाभ1,482 करोड़
मार्केट कैप  19,895  करोड़
इंटरेस्ट रेट 17.30%
बिक्री वृद्धि (3 वर्ष) 16.56%
प्रमोटर होल्डिंग 51.19%
इक्विटी के लिए ऋण 4.97
मूल्य से बुक मूल्य 1.78
  • 33,000 से अधिक कर्मचारियों के साथ, महिंद्रा फाइनेंस की भारत के हर राज्य में उपस्थिति है और इसके 85% जिलों में एक पदचिह्न है।
  • यह 3,60,000 से अधिक गांवों में ग्राहकों की सेवा करता है, जो देश के हर दो गांवों में से एक है। यह कंपनी महिंद्रा ग्रुप का हिस्सा है।

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5. मुथूट फाइनेंस लिमिटेड (Muthoot Finance Limited)

मुथूट समूह की स्थापना वर्ष 1887 में केरल के कोझेनचेरी के सुदूर गांव में एक मामूली व्यापारिक व्यवसाय के रूप में हुई थी। मुथूट फाइनेंस सबसे बड़ी गोल्ड लोन नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) है। यह कारोबार के आधार पर भारत में शीर्ष एनबीएफसी वित्त कंपनियों की सूची में 8वें स्थान पर है।

6. एचडीबी फाइनेंस सर्विसेज (HDB Finance Services)

एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक द्वारा संचालित है। यह 22 भारतीय राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 1,000 से अधिक शाखाओं के फैले हुए नेटवर्क से कई प्रकार के सुरक्षित और गैर-सुरक्षित वित्तीय ऋण देने का कार्य करता है।

यह पर्सनल और बिजनेस लोन, डॉक्टर के ऋण, ऑटो लोन, गोल्ड लोन, क्रेडिट ऋण के लिए नए, उद्यम व्यवसाय ऋण, उपभोक्ता टिकाऊ ऋण, निर्माण उपकरण ऋण, नई और प्रयुक्त कार ऋण, उपकरण ऋण और ट्रैक्टर सहित सुरक्षित और असुरक्षित ऋण प्रदान करता है। कंपनी लेंडिंग बिजनेस और बीपीओ सर्विसेज सेगमेंट के जरिए काम करती है। इसे आज भारत में सबसे तेजी से बढ़ने वाली NBFC माना जाता है।

7. चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (Cholamandalam Investment and Finance Company Limited)

चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (चोला) को 1978 में मुरुगप्पा समूह की वित्तीय सेवा शाखा के रूप में शामिल किया गया था। चोल ने एक उपकरण वित्तपोषण कंपनी के रूप में शुरुआत की और एक पूर्ण वित्तीय सेवा प्रदाता के रूप में आगे बढ़ी है| जो सभी प्रकार की सेवाएं प्रदान करती है, जैसे – वाहन वित्त, गृह ऋण, गृह इक्विटी ऋण, एसएमई ऋण, निवेश सलाहकार सेवाएं, स्टॉकब्रोकिंग, और अन्य वित्तीय सेवाओं की मेजबानी ग्राहकों के लिए। चोल की भारत भर में 725 शाखाएँ हैं, जिनकी प्रबंधनाधीन संपत्ति 35,000 करोड़ रुपये से अधिक है।

8. टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (Tata Capital Financial Services Limited)

टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड भारत की अग्रणी एनबीएफसी में शीर्ष पर है। 2007 में स्थापित, यह टाटा संस लिमिटेड की सहायक कंपनी है। टीसीएफएस स्वयं को वन-स्टॉप फाईनेंशियल सर्विस प्रोवाइडर के रूप में वर्णित करता है, जो बिजनेस में रिटेल, कॉर्पोरेट और संस्थागत ग्राहकों की विविध आवश्यकताओं को पूरा करता है।

यह आरबीआई के साथ ‘सिस्टमिक रूप से महत्वपूर्ण गैर-जमा स्वीकार करने वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी)’ के रूप में पंजीकृत है। टीसीएफएस द्वारा व्यक्तियों, परिवारों और व्यवसायों को पेश किए जाने वाले विभिन्न उत्पादों में कमर्शियल फाईनेन्स, इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस, धन प्रबंधन, उपभोक्ता लोन और टाटा कार्ड का वितरण और मार्केटिंग शामिल हैं।

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9. एल एंड टी फाइनेंस लिमिटेड (L&T Finance Limited)

एल एंड टी फाइनेंस लिमिटेड गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र में वर्ष 1994 में स्थापित किया गया था। मुंबई में मुख्यालय, एल एंड टी व्यापार, उद्योग, कृषि, वाणिज्यिक वाहन ऋण, व्यक्तिगत वाहन ऋण जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लिए वित्त पोषण सेवाएं प्रदान करता है। कंपनी 10 लाख से अधिक लोगों को सेवा प्रदान करती है। वर्ष 2010 में एल एंड टी को इकोनॉमिक टाइम्स पुरस्कारों में “वर्ष की कंपनी” से सम्मानित किया गया था।

10. आदित्य बिड़ला फाइनेंस लिमिटेड (Aditya Birla Finance Limited)

आदित्य बिड़ला कैपिटल लिमिटेड (एबीसीएल) आदित्य बिड़ला समूह के वित्तीय सेवा व्यवसायों के लिए होल्डिंग कंपनी है । 20,000 से अधिक कर्मचारियों द्वारा संचालित , एबीसीएल की सहायक कंपनियों की 850+ शाखाओं और 2,00,000 से अधिक एजेंटों / चैनल भागीदारों और कई बैंक भागीदारों के साथ देश भर में पहुंच है। आदित्य बिड़ला फाइनेंस लिमिटेड, आदित्य बिड़ला फाइनेंशियल सर्विसेज का एक हिस्सा, 1991 में शामिल किया गया था और एक आईएसओ 9001:2008 प्रमाणित एनबीएफसी है।

राजस्व16,131 करोड़ रुपये
लाभ998 करोड़
मार्केट कैप  22,022  करोड़
ब्याज दर   9.65%
बिक्री वृद्धि (3 वर्ष) 60.85%
प्रमोटर होल्डिंग 72.70%
इक्विटी के लिए ऋण 5.52
मूल्य से बुक मूल्य 2.19

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