होम लोन क्या है ? होम लोन कैसे मिलता है – क्या डॉक्यूमेंट चाहिए, ब्याज़ दर व प्रक्रिया

आज के समय में अपना घर हर किसी का सपना होता है, किन्तु घर लेना या बनवाना कोई आसान काम नहीं होता है | इसके लिए बहुत अधिक पैसो की जरूरत होती है | जिसके लिए अक्सर ही लोगो को लोन लेने की जरूरत पड़ जाती है | लगभग सभी बैंक और फाइनेंशियल संस्थाए होम लोन जैसी सुविधाए देती है | आप बैंक की शर्तो को पूरा कर अपने मन मुताबिक लोन की राशि प्राप्त कर सकते है |

किन्तु बहुत से लोगो को होम लोन के बारे जानकारी नहीं होती है, जिससे वह अपने भवन निर्माण के लिए लोन नहीं ले पाते है, और उनका खुद का घर होने का सपना अधूरा रह जाता है | इस लेख में हम आपको होम लोन क्या है, होम लोन कैसे मिलता है, तथा होम लोन के लिए क्या-क्या डॉक्यूमेंट चाहिए, और ब्याज़ दर व प्रक्रिया के बारे में बता रहे है |

गोल्ड लोन (Gold Loan) क्या है ?

होम लोन क्या है (Home Loan)

यह एक सिक्योर्ड लोन होता है, जिसे किसी व्यक्ति द्वारा संपार्श्विक संपत्ति खरीदने, भवन निर्माण, मरम्मत और उसका विस्तार करवाने के लिए लिया जाता है | होम लोन आपको आर्थिक ब्याज दर पर लंबी अवधि वाला ऋण प्रदान करता है, जिसे EMI के रूप में चुकाया जाता है | जब तक ऋण लेने वाले व्यक्ति द्वारा इस लोन का भुगतान नहीं कर दिया जाता है, तब तक संबंधित संपत्ति या बैंक लोन देने वाली संस्थान के पास गिरवी रहती है | सामान्य तौर पर आप जिस चीज को गिरवी रखते है, उस संपत्ति की मूल्य राशि के 75% से 90% तक ऋण प्राप्त हो जाता है | जिसे आप चुने गए समय में आसानी से चुका सकते है |

होम लोन के प्रकार (Home Loan Types)

  • गृह खरीद ऋण (Home Purchase Loan):- इस तरह का लोन घर खरीदने के लिए लिया जाता है |
  • गृह सुधार ऋण (Home Improvement Loan):- इस तरह का लोन घर की मरम्मत करवाने संबंधित कार्य को करने के लिए लिया जाता है |
  • गृह निर्माण ऋण (Home Construction Loan):- इस तरह का लोन नए घर के निर्माण के लिए लिया जाता है |
  • भूमि खरीद ऋण (Land Purchase Loan):- इस क़िस्म का लोन घर बनवाने हेतु भूमि खरीदने के लिए लेते है |
  • गृह विस्तार ऋण (Home Extension Loan):- कमरा, दूसरा फ्लौर, गैरेज, किचन या बाथरूम को जोड़ने के लिए इस तरह का  ऋण लिया जाता है |
  • संयुक्त गृह ऋण (Joint Home Loan):- इस तरह के लोन को दो या उससे अधिक लोगो द्वारा लिया जाता है, जैसे :- पति/पत्नी |
  • होम लोन बैलेंस ट्रांसफर (Home Loan Balance Transfer):- इस क़िस्म के लोन में बैंक ग्राहक को बेहतर नियम, शर्तो और कम ब्याज ऑउटगो का लाभार्थी बनने के लिए लैंडर को स्विच के माध्यम से ऋण की बकाया राशि ट्रांसफर करने का फायदा मिलता है |
  • टॉप-अप होम लोन (Top-up Home Loan):- इसमें बैंक आपको मामूली दर पर किसी भी उद्देश्य के लिए बकाया ऋण राशि पर फण्ड उधार लेने की सहायता मिलती है |

होम लोन लेने की पात्रता (Home Loan Eligibility)

  • आवेदक भारत का निवासी, अनिवासी व भारतीय मूल का नागरिक होना जरूरी है |
  • आवेदक का CIBIL Score 750 या उससे अधिक होना चाहिए |
  • आवेदक की आयु 18 से 70 वर्ष के मध्य हो |
  • नौकरी पेशा करने वाले व्यक्ति के पास 2 वर्ष का कार्य अनुभव होना चाहिए |
  • स्वरोजगार वाले व्यक्ति का रोजगार 3 वर्ष पुराना होना चाहिए |
  • न्यूनतम वेतन 25,000 रूपए प्रति माह होना चाहिए, अन्य बैंको में यह राशि अलग-अलग हो सकती है |
  • इसमें आपको संपत्ति मूल्य पर 90% तक लोन की राशि मिल जाती है |

होम लोन के लिए जरूरी डाक्यूमेंट्स (Home Loan Required Documents)

  • पहचान प्रमाण के लिए :- आधार कार्ड (Aadhar Card), पैन कार्ड (Pan Card), मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट (Passport) और ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License)|
  • जन्म प्रमाण के लिए :- जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate), दसवीं की मार्कशीट, बैंक पासबुक, ड्राइविंग लाइसेंस |
  • निवास प्रमाण के लिए :- यूटिलिटी बिल (पानी का बिल, बिजली का बिल, गैस बिल, टेलीफ़ोन बिल) वोटर आईडी, राशन कार्ड और या पॉलिसी स्लिप |
  • आय प्रमाण नौकरीपेशा करने वालो के लिए :- 3 वर्ष पुराना ITR (Income Tax Return), फॉर्म 16, निवेश का प्रमाण, नया भुगतान |
  • स्वरोजगार वाले व्यक्ति के लिए आय का प्रमाण :- बैलेंस शीट, इनकम टैक्स रिटर्न पिछले 3 वर्ष का, कंपनी के प्रॉफिट लॉस की जानकारी, फार्म, बिज़नेस का प्रमाण और बिज़नेस लाइसेंस |
  • प्रॉपर्टी दस्तावेज :- सोसाइटी, बिल्डर से NOC, भवन निर्माण में खर्च का अनुमान, अलॉटमेंट लैटर, रजिस्टर्ड सेल एग्रीमेंट |
  • होम लोन आवेदन फॉर्म |
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो |

सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड लोन क्या होता है ? 

होम लोन ब्याज दर (Home Loan Interest Rate)

होम लोन में ब्याज दर अधिक होती है, क्योकि इसमें ऋण का भुगतान करने के लिए लंबी अवधि मिल जाती है | इसके अलावा लोन की रकम पर भी थोड़ा ब्याज दर कम हो सकती है | ब्याज दर में न्यूनतम फर्क होने पर भी कुल राशि पर अधिक अंतर देखने को मिल सकता है | इसलिए कम ब्याज दर वाले होम लोन का चुनाव करे | यहाँ पर आपको न्यूनतम ब्याज दर पर होम लोन देने वाली बैंको की जानकारी दी जा रही है:-

बैंक/ NBFCन्यूनतम ब्याज दरें
HDFC बैंक’6.70%
SBI6.70%
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया6.60%
सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया6.85%
ICICI बैंक6.70%
बजाज फिनसर्व6.65%
पंजाब एंड सिंध बैंक6.50%
पंजाब नेशनल बैंक6.55%
कोटक महिंद्रा बैंक6.55%
बैंक ऑफ बड़ौदा6.50%

होम लोन के लिए फीस (Home Loan Fees)

लोन लेने वाले आवेदक को ऋण लेते समय ब्याज के साथ-साथ अन्य फीस और शुल्क पर ध्यान देना होता है | यह शुल्क लोन की लागत को भी प्रभावित कर सकता है | ब्याज राशि के अतिरिक्त लगने वाले शुल्क के बारे में जानकारी दी जा रही है:-

  • एप्ल्केशन फीस :- इस तरह का शुल्क आरम्भ में अन्य सभी खर्चो को कवर करने के लिए बैंक या अन्य लोन संस्थानों द्वारा लिया जाता है| इस राशि का इस्तेमाल वेरिफिकेशन को पूरा करने के लिए किया जाता है |
  • प्रोसेसिंग फीस :- इस तरह की फीस क्रेडिट मूल्यांकन पर खर्च की जाती है, यह लोन लेने वाले व्यक्ति के क्रेडिट प्रोफाइल, होम लोन योजना और आय पर निर्भर करती है | किन्तु कुछ बैंक और अन्य फाइनैंस संस्थाए प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लेती है |
  • एडमिनिस्ट्रेटिव फीस :- यह शुल्क उन संस्थानों द्वारा लिया जाता है, जो प्रोसेसिंग शुल्क को दो भागो में विभाजित करता है| लोन अप्रूवल के पश्चात् लगने वाली राशि एडमिनिस्ट्रेटिव फीस कहलाती है |
  • फोरक्लोज़र फीस :- जब कोई व्यक्ति होम लोन का भुगतान तय समय से पहले ही कर देता है, तो उस स्थिति में बैंक या NBFC द्वारा प्री-पेमेंट पैनल्टी और फोरक्लोज़र चार्ज लिया जाता है | किन्तु RBI ने बैंको और NBFC पर इस प्री-पेमेंट पैनल्टी को होम लोन पर लगाने से रोक दिया है |
  • ऋण के भुगतान को बदलने की प्रक्रिया पर लगने वाला शुल्क :- इस तरह का शुल्क तब लगता है, जब लोन लेने वाला व्यक्ति अपने भुगतान करने की प्रक्रिया को बदलने के लिए आवेदन करता है | इसमें लगने वाला शुल्क सामान्य तौर पर 500 रूपए तक होता है, तथा सभी बैंक और संस्थानों में यह राशि अलग-अलग हो सकती है |
  • ब्याज दर को बदलने या कम करने पर लगने वाला शुल्क :- इस तरह का शुल्क लोन लेने वाले व्यक्ति पर तब लगता है, जब आवेदक होम लोन पर अपनी ब्याज दर को बदलने या कम करने के लिए अनुरोध करता है, तब यह शुल्क बकाया राशि का 2% होता है, तथा अन्य बैंको में यह राशि अलग-अलग हो सकती है |
  • CERSAI शुल्क :- भारत की ऑनलाइन केंद्रीय सुरक्षा CERSAI (Central Registry of Securities Asset Reconstruction and Security Interest) एक ब्याज रजिस्ट्री है | यह केंद्रीय सुरक्षा कंपनी CERSAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर NBFC या बैंक द्वारा गिरवी रखी गयी प्रॉपर्टी की जांच कर सकते है | इसके लिए बैंक द्वारा मामूली शुल्क का भुगतान किया जाता है, जिसे बाद में बैंक ऋण लेने वाले व्यक्ति से वसूल करती है |
  • EMI पर लगने वाला अन्य शुल्क :- यदि कोई व्यकित बैंक द्वारा लिए गए ऋण का भुगतान यानि EMI को समय से नहीं चुका पाता है, या EMI चुकाने में देरी करता है, तो बैंक द्वारा उस EMI पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता जाता है| इसलिए EMI का भुगतान समय पर ही करे | 
  • EMI बाउंस फीस :- इस तरह का शुल्क तब लगाया जाता है, जब खाते में पर्याप्त धनराशि न होने पर लोन का भुगतान नहीं होता है, और EMI की फीस बाउंस हो जाती है | बाउंस होने की स्थिति में बैंक द्वारा 500 रूपए का शुल्क लिया जाता है |

होम लोन के लिए ऑफलाइन आवेदन (Home Loan Offline Application)

  • सबसे पहले आपको उस बैंक की नजदीकी शाखा या फाइनेंस संस्था में जाना होता है, जिससे आप लोन लेना चाहते है |
  • बैंक जाकर आपको बैंक के अधिकारी से संपर्क कर होम लोन के बारे में जानकारी लेनी होती है |
  • सभी नियम शर्तो व ब्याज दर की जानकारी लेने के बाद बैंक अधिकारी को अपनी संपत्ति का विवरण दे, जिस पर आप लोन लेना चाहते है |
  • बैंक अधिकारी द्वारा आपके दस्तावेजों की जाँच की जाती है, यदि अधिकारी संतुष्ट हो जाता है, तो आपको होम लोन आवेदन के लिए फॉर्म दे दिया जाता है |
  • इस फॉर्म को आप ठीक तरह से भरने के बाद संबंधित दस्तावेजों की प्रतिलिपि हो फॉर्म के साथ संलग्न कर दे |
  • इसके बाद इस फॉर्म को बैंक के अधिकारी के पास जमा कर दे |
  • बैंक से होम लोन अप्रूव हो जाने के पश्चात् ऋण राशि को आपके खाते में भेज दिया जाता है |

पर्सनल लोन क्या होता है ?